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*ऑपरेशन 'दबंग दरोगा': बिना जांच, बिना OTP के रिपोर्ट का खेल; क्या महराजगंज पुलिस कानून से ऊपर है? प्रशासनिक प्रधान कार्यालय लखनऊ ND Live की रिपोर्ट *

📍 उत्तर प्रदेश (महराजगंज ) 📅 26 Jun 2026 ✍️ NDLIVE ब्यूरो
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*ऑपरेशन 'दबंग दरोगा': बिना जांच, बिना OTP के रिपोर्ट का खेल; क्या महराजगंज पुलिस कानून से ऊपर है?*

*जनसुनवाई पोर्टल का मखौल: पीड़ित को थाने बुलाकर जबरन खिंचवाई फोटो, पुलिस ने मामले को 'दबाने' में दिखाई तत्परता!*

*महराजगंज पुलिस की 'डिजिटल दादागिरी': क्या SI संदीप यादव के लिए नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित हैं?*

प्रशासनिक प्रधान कार्यालय लखनऊ ND Live की रिपोर्ट

महराजगंज: उत्तर प्रदेश सरकार का 'जनसुनवाई' पोर्टल, जो आम आदमी की समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा करता है, महराजगंज जिले के निचलौल थाने में एक गंभीर मजाक बनकर रह गया है। ND Live द्वारा जुटाए गए दस्तावेजी प्रमाण (फाइल) इस बात की पुष्टि करते हैं कि पुलिस किस तरह कानून की धज्जियां उड़ा रही है।

बिना OTP, कैसे बंद हुई शिकायत?

पीड़ित रीता पाठक और संत कुमार पाठक ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना किसी धरातलीय जांच और बिना शिकायतकर्ता के OTP सत्यापन के मामले का निस्तारण कर दिया। जनसुनवाई की गाइडलाइन के अनुसार, शिकायत का निपटारा शिकायतकर्ता की सहमति और OTP सत्यापन के बिना नहीं किया जा सकता, लेकिन यहाँ SI संदीप यादव पर 'महारत' हासिल करने का आरोप है।

'फोटो खिंचवाओ, केस रफा-दफा करवाओ'

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़ित ने सिस्टम की इस मनमानी का विरोध किया, तो पुलिस का जवाब और भी शर्मनाक था। पीड़ित का दावा है कि उन्हें थाने बुलाया गया और जबरन फोटो खिंचवाई गई, ताकि इसे पोर्टल पर 'मौके पर समाधान' के सबूत के तौर पर पेश किया जा सके। यह न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार है, बल्कि एक आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन भी है।

प्रशासनिक मौन पर सवाल:

उच्चाधिकारियों को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद (फाइल), निचलौल थाने के दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई न होना, पूरे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। क्या कप्तान और मुख्यमंत्री के सख्त आदेशों के बाद भी 'खाकी' अपनी मर्जी चला रही है?

ND Live का संकल्प:

हम इस मामले में तब तक आवाज उठाते रहेंगे जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो जाती। हम इस पोर्टल के माध्यम से उच्चाधिकारियों से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए जिन्होंने जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ किया है। ND Live द्वारा प्रकाशित यह समाचार पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों (फाइल/दस्तावेजों) पर आधारित है। हमारा उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना नहीं, बल्कि जनहित के मामलों को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाना है। यह खबर पूर्णतः प्राप्त साक्ष्यों और शिकायतकर्ता के बयानों पर आधारित है। ND Live संबंधित अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करता है, ताकि सत्य सामने आ सके और पीड़ित को न्याय मिल सके। किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद के लिए संबंधित पक्ष अपने साक्ष्य प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

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