*उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक का सन्नाटा; प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन पर सत्ता और विपक्ष ने साझा किया गहरा दर्द* *लखनऊ प्रशासनिक प्रधान कार्यालय से सुमन दुबे की रिपोर्ट*

*उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक का सन्नाटा; प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन पर सत्ता और विपक्ष ने साझा किया गहरा दर्द* *लखनऊ प्रशासनिक प्रधान कार्यालय से सुमन दुबे की रिपोर्ट* लखनऊ। भारतीय राजनीति के विशाल बरगद रहे दिवंगत मुलायम सिंह यादव के कुनबे से आज एक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुज और समाजवादी विरासत के एक महत्वपूर्ण स्तंभ प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन ने उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों को स्तब्ध कर दिया है। यह क्षति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सादगी और स्वास्थ्य-चेतना के प्रतीक की है जिसे प्रतीक यादव ने ताउम्र संजोया था। राजनीतिक कटुता से ऊपर उठीं संवेदनाएं प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस घड़ी को अत्यंत पीड़ादायक बताया। मुख्यमंत्री ने अपर्णा यादव और अखिलेश यादव समेत पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। यह दृश्य उस भारतीय लोकतांत्रिक संस्कृति की मिसाल पेश कर रहा है जहाँ व्यक्तिगत दुःख की घड़ी में वैचारिक मतभेद गौण हो जाते हैं। भाई का कंधा और अपनों की सिसकियाँ अपने छोटे भाई को खोने का गम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चेहरे पर साफ झलक रहा था। प्रतीक के आवास पर भारी मन से पहुंचे अखिलेश यादव ने न केवल अंतिम व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि एक बड़े भाई के रूप में परिवार को इस वज्रपात से उबारने का साहस भी दिखाया। प्रतीक यादव अपने मृदु व्यवहार और विवादों से दूर रहने वाली छवि के लिए जाने जाते थे, यही कारण है कि उनके अंतिम दर्शनों के लिए लखनऊ में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अंतिम विदाई की तैयारी लखनऊ स्थित आवास पर मंत्रियों, विधायकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों का आना निरंतर जारी है। जानकारी के अनुसार, कल यानी 14 मई को दोपहर 12:30 बजे लखनऊ के पिपरा घाट पर प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रदेश के दिग्गज नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति के बीच इस युवा व्यक्तित्व को अंतिम विदाई दी जाएगी।

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