बेटियों की सुरक्षा के बजट पर 'भ्रष्टाचार' का प्रहार; महराजगंज में रानी लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण के नाम पर लाखों का गमन!शिक्षा विभाग के रक्षक ही बने भक्षक? 29 विद्यालयों में प्रशिक्षण के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति, आडियो-वीडियो साक्ष्यों ने खोली पोल। ब्यूरो रिपोर्ट: सलाउद्दीन खान

बेटियों की सुरक्षा के बजट पर 'भ्रष्टाचार' का प्रहार; महराजगंज में रानी लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण के नाम पर लाखों का गमन! शिक्षा विभाग के रक्षक ही बने भक्षक? 29 विद्यालयों में प्रशिक्षण के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति, आडियो-वीडियो साक्ष्यों ने खोली पोल। ब्यूरो रिपोर्ट: सलाउद्दीन खान महराजगंज/निचलौल। प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर मिशन शक्ति के तहत बेटियों को आत्मरक्षा में सशक्त बनाने के लिए करोड़ों का बजट पानी की तरह बहा रही है, वहीं महराजगंज जिले में भ्रष्ट अधिकारियों और प्रधानाचार्यों की जुगलबंदी ने इस पवित्र योजना को 'लूट की जागीर' बना लिया है। ताजा मामला राजकीय इंटर कॉलेजों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का है, जहाँ रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के नाम पर दो लाख दस हजार रुपये डकारने का गंभीर आरोप लगा है। खानापूर्ति का 'खेल', भविष्य से खिलवाड़ नगर पंचायत निचलौल निवासी राजेंद्र यादव ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में विभाग की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा खोला है। आरोप है कि वर्ष 2025 में जिले के चयनित 29 विद्यालयों में बालिकाओं को ताइक्वांडो सिखाने के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियमतः 3 महीने का सघन प्रशिक्षण होना था, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके उलट है। इन स्कूलों में हुआ बड़ा 'खेल' (घोटाले की जद में आए विद्यालय): पड़ताल में सामने आया है कि राजकीय इंटर कालेज नौनिया व कुआं चाप, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झुलनीपुर, अहिरौली, परासखाड़, भगवानपुर, बेलवाटिकर, अराजीजगपुर, गौहरपुर, पुरैना खन्डी, सेमरा चन्दौली, बरवा राजा, रामपुर चकिया और विशनपुर जैसे विद्यालयों में प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। इन स्कूलों में प्रशिक्षक महीने में मात्र 2-3 दिन ही शक्ल दिखाते थे और पूरा बजट डकार लिया गया। प्रधानाचार्यों और प्रशिक्षकों का 'खूनी गठजोड़' शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके पास इस महाघोटाले के पुख्ता ऑडियो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। आरोप है कि ताइक्वांडो प्रशिक्षकों ने विद्यालय के प्रधानाचार्यों के साथ मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट किया और फर्जी हाजिरी व कागजी खेल के जरिए 2,10,000 रुपये गबन कर लिए। यह सिर्फ वित्तीय भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि उन मासूम बालिकाओं के आत्मविश्वास की हत्या है, जिन्हें आत्मरक्षा के गुर सीखने थे। हड़कंप: कार्रवाई की जद में आएंगे 'भ्रष्ट' नुमाइंदे? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी प्रधानाचार्यों और प्रशिक्षकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई और रिकवरी की मांग की है। साक्ष्यों के साथ हुई इस शिकायत ने शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन 'सफेदपोश लुटेरों' पर नकेल कसता है या जांच की फाइलों में भ्रष्टाचार को दबा दिया जाएगा। ND Live इस पूरे घोटाले की हर परत को बेनकाब करता रहेगा।

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