*परिवहन निगम के निजीकरण और डग्गामारी के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों का हल्लाबोल।* *रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने महराजगंज डिपो पर किया प्रदर्शन।* *प्रबंध निदेशक को भेजा प्रस्ताव, आंदोलन की चेतावनी।* महराजगंज।रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को महराजगंज डिपो की ट्रैफिक, स्टेशन और कार्यशाला शाखा के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शाखा अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस विरोध सभा में कर्मचारियों ने निगम के निजीकरण और सड़कों पर फल-फूल रहे अवैध संचालन के खिलाफ हुंकार भरी। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों और डग्गामार वाहनों का संगठित अवैध संचालन परिवहन निगम की कमर तोड़ रहा है। हाई-एंड निजी बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर निगम को आर्थिक चोट पहुँचा रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन मौन है। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि निगम की संपत्तियों और कारोबार को निजी हाथों में सौंपने की कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। *मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग।* परिषद ने प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बजट में दी गई आर्थिक सहायता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उनसे यह अपील भी की गई कि वे परिवहन निगम के हितों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर रोक लगाएं, ताकि आम जनता को सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा मिलती रहे और हजारों कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित रहे। *मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।* शाखा मंत्री राजीव कुमार ने बताया कि परिषद द्वारा 15 मार्च 2026 को दिए गए नोटिस और मांग पत्र पर अभी तक प्रबंधन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की सामूहिक मांगों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य है। यदि जल्द ही मांगों पर आदेश निर्गत नहीं किए गए, तो औद्योगिक वातावरण विषाक्त हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष केदार नाथ गुप्त, शाखा मंत्री राजीव कुमार,संगठन मंत्री रितेश पाण्डेय,शाखा उपाध्यक्ष राजन सिंह एवं डिपो के भारी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने 'कर्मचारी एकता जिंदाबाद' के नारों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
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