प्रयागराज में शिक्षा के मंदिर पर संकट! जंगी राम इंटर कॉलेज में बड़ा खेल? प्रयागराज से ब्यूरो रिपोर्ट: रोहित केसरवानी

प्रयागराज: 'श्री जंगी राम इंटर कॉलेज' पर मंडराया संकट, वन विभाग की जमीन कब्जाने और मान्यता में धांधली का बड़ा आरोप प्रयागराज से ब्यूरो रिपोर्ट: रोहित केसरवानी प्रयागराज। संगम नगरी के यमुनानगर (बारा) क्षेत्र में स्थित श्री जंगी राम इंटर कॉलेज इन दिनों गंभीर विवादों और प्रशासनिक जांच के घेरे में है। विद्यालय पर सरकारी जमीन कब्जाने और मान्यता के नियमों के उल्लंघन जैसे संगीन आरोप लगे हैं, जिसकी जांच के लिए प्रशासनिक अमला जमीन पर उतर आया है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, लोहगरा में स्थित यह इंटर कॉलेज वन विभाग की आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित किया गया है। इसके अलावा, विद्यालय की मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मान्यता प्राप्त करते समय कागजों में 16 कमरों का संचालन दिखाया गया था, लेकिन धरातल पर कमरों की संख्या इससे कहीं कम है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बारा के उपजिलाधिकारी (SDM) गणेश कनौजिया और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पी एन सिंह ने संयुक्त रूप से विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में जाकर कमरों की गिनती की और भौतिक ढांचे का जायजा लिया। विद्यालय की मान्यता संबंधी फाइल और राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) का मिलान किया गया ताकि जमीन के वास्तविक मालिकाना हक की पुष्टि हो सके। वहीं दूसरी ओर, विद्यालय के प्रबंधक भोलानाथ दुबे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय पूरी तरह से निजी राजस्व संख्या की जमीन पर बना है और वन विभाग की जमीन से इसका कोई लेना-देना नहीं है। निरीक्षण के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थलीय निरीक्षण और कागजी दस्तावेजों में कोई भिन्नता पाई जाती है या मान्यता की शर्तों का उल्लंघन मिलता है, तो विद्यालय के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो विद्यालय की मान्यता रद्द होने के साथ-साथ बेदखली की कार्रवाई भी संभव है।

वापस होम पर जाएँ