*महाराजगंज: पुलिस कप्तान की 'सर्जिकल स्ट्राइक' से नशे के सौदागरों में हाहाकार, बॉर्डर पर दबोचे गए मौत के कारोबारी* *महराजगंज से मैनुद्दीन सिद्दीकी की रिपोर्ट* बरगदवा/महाराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर युवाओं की नसों में ज़हर घोलने वाले नेटवर्क का महाराजगंज पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना (IPS) के तीखे तेवरों और 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। बरगदवा पुलिस और SSB की संयुक्त टीम ने चकरार गांव के पास घेराबंदी कर नशीली दवाओं के दो मुख्य सरगनाओं को रंगे हाथ दबोच लिया है। संयुक्त ऑपरेशन में 'डेथ इंजेक्शन' का जखीरा बरामद मुखबिर की सटीक सूचना पर सुरक्षा बलों ने एक सटीक जाल बुना। इस कार्रवाई में पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 150 शीशी प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन (डायजापाम, बुप्रेनोर्फिन और फेनिरामाइन) बरामद किए हैं। ये वो दवाइयाँ हैं जो बिना डॉक्टरी सलाह के बेचना अपराध है और नशे के तौर पर इस्तेमाल करने पर जानलेवा साबित होती हैं। बरामदगी में मोबाइल फोन, नकदी और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (UP56 V3045) भी जब्त की गई है। ठूठीबारी के दो युवा तस्कर चढ़े हत्थे पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान ठूठीबारी थाना क्षेत्र के रौशन गुप्ता (19 वर्ष, निवासी गड़ौरा) और खालिद (18 वर्ष, निवासी लोहरौली) के रूप में हुई है। इतनी कम उम्र में नशे के इस काले कारोबार में संलिप्तता ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनके नेटवर्क के 'सफेदपोश' आकाओं की तलाश में जुट गई है। टीम वर्क ने जीता भरोसा इस महत्वपूर्ण सफलता में बरगदवा पुलिस के एसआई स्वेन्द्र नारायण मिश्र, शिवम राय और उनकी टीम के साथ-साथ SSB के उपनिरीक्षक युवराज सिंह व उनकी टीम की अहम भूमिका रही। आरोपियों पर NDPS एक्ट के तहत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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