महाराजगंज: रोजी-रोटी की खातिर परदेस गए इकलौते चिराग की मुंबई में दर्दनाक मौत, घर में पसरा मातम नौतनवां/महाराजगंज: नियति का क्रूर मजाक देखिए कि जिस कंधे पर बूढ़े मां-बाप का सहारा और दो बहनों के भविष्य की जिम्मेदारी थी, आज वही कंधा बेजान होकर ताबूत में घर लौट रहा है। जनपद के नौतनवां तहसील अंतर्गत हनुमानगढ़ियां गांव के निवासी कृष्ण विश्वकर्मा की मुंबई में ऊंचाई से गिरने के कारण असामयिक मृत्यु हो गई। गरीबी मिटाने गया था, खुद मिट गया मृतक कृष्ण विश्वकर्मा अपने परिवार की तंगहाली को दूर करने और आजीविका चलाने के सपनों के साथ मायानगरी मुंबई गया था। लेकिन किसे पता था कि एक ऊँची इमारत से गिरना उसके जीवन का अंतिम सच बन जाएगा। महाराष्ट्र पुलिस ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और शव एंबुलेंस के जरिए गांव लाया जा रहा है। जैसे-जैसे एंबुलेंस घर के करीब पहुंच रही है, पूरे गांव में सन्नाटा और परिजनों की चीखें माहौल को गमगीन कर रही हैं। परिवार का एकमात्र सहारा छिना कृष्ण अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके कंधों पर न केवल बूढ़े माता-पिता बल्कि अपनी दो बहनों के जीवन को संवारने का भार भी था। उसकी मौत ने न केवल एक जान ली है, बल्कि एक पूरे परिवार के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बूढ़ी आंखों की रोशनी जैसे छिन गई है। मुआवजे और मदद की उठी मांग स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस दुखद घड़ी में जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि पीड़ित परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी महाराजगंज और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तत्काल संज्ञान लें। ग्रामीणों ने मांग की है कि परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस टूट चुके परिवार को दोबारा खड़ा होने का संबल मिल सके। ND Live News के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।
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