*काले कानून' के खिलाफ सवर्ण समाज का हल्लाबोल;* *परशुराम सेना ने प्रशासन के जरिए राज्यपाल को दी चेतावनी* महराजगंज | [आज दिनांक 27/01/2026 देश के सामाजिक ढांचे और विधिक प्रावधानों में बदलाव को लेकर असंतोष की लहर अब सवर्ण समाज के बीच भी तेज हो गई है। इसी क्रम में आज जनपद महराजगंज में परशुराम सेना के नेतृत्व में सवर्ण समाज के गणमान्य नागरिकों ने UCG एक्ट (संभावित संदर्भ: विधिक संशोधन) जैसे 'काले कानून' के विरोध में हुंकार भरी। परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष अश्विनी कुमार तिवारी की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से इस बिल को वापस लेने की मांग की गई है। 'जमीनी संघर्ष और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी' जिलाध्यक्ष अश्विनी तिवारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि इस कानून को निरस्त नहीं किया गया, तो सवर्ण समाज सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताते हुए शासन-प्रशासन को समय रहते कदम उठाने का आग्रह किया। वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय मानवाधिकार के राष्ट्रीय महासचिव पंडित दिग्विजय दुबे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कानून की विसंगतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। इनके साथ ही सवर्ण हितों के लिए सक्रिय प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें: अंशुमान पांडेय (जिला सचिव, समाजवादी लोहिया वाहिनी) सुनील पांडेय एवं सतीश पांडे रत्नेश पाठक एवं नर्वदेश्वर शुक्ला मयंक पांडेय एवं अनुभव पांडेय महराजगंज कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे इन गणमान्य बंधुओं ने एक स्वर में कहा कि समाज के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे शासन तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि इस व्यापक जन-असंतोष पर राजभवन की क्या प्रतिक्रिया होती है। रिपोर्ट : मैनुद्दीन सिद्दीकी महाराजगंज
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