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*महाराजगंज: निचलौल के 'लोढ़िया' में विकास की बहरी गंगा! प्रधान मस्त, जनता पस्त; गंदगी के समंदर में डूब रहा मोती चौहान का परिवार, क्या सो गए हैं डीएम साहब?* रिपोर्ट: सलाउद्दीन खान Chief Executive Officer (CEO) ND Live News

📍 उत्तर प्रदेश (महराजगंज ) 📅 18 Jan 2026 ✍️ NDLIVE ब्यूरो
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*महाराजगंज: निचलौल के 'लोढ़िया' में विकास की बहरी गंगा! प्रधान मस्त, जनता पस्त; गंदगी के समंदर में डूब रहा मोती चौहान का परिवार, क्या सो गए हैं डीएम साहब?*

रिपोर्ट:

सलाउद्दीन खान

Chief Executive Officer (CEO)

ND Live News

महाराजगंज (निचलौल):

एक तरफ सरकार 'स्वच्छ भारत मिशन' के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, तो दूसरी तरफ जनपद के निचलौल तहसील का लोढ़िया (पोस्ट कटहरी) गांव भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की गवाही दे रहा है। यहाँ 'विकास' की ऐसी गंगा बह रही है जिसकी दुर्गंध से ग्रामीणों का दम घुट रहा है। ग्राम प्रधान की हनक और ब्लॉक के अधिकारियों की मिलीभगत ने एक गरीब परिवार को नरक में जीने पर मजबूर कर दिया है।

प्रधान की गुंडागर्दी या प्रशासनिक अकर्मण्यता?

मामला लोढ़िया गांव के मोती चौहान के घर का है। मोती चौहान के घर के ठीक सामने पूरे गांव का गंदा पानी और सड़ता हुआ कीचड़ जमा है। यह महज जलभराव नहीं, बल्कि प्रधान की कार्यशैली पर लगा वो बदनुमा दाग है जिसे धोने के लिए शायद निचलौल ब्लॉक के पास साबुन कम पड़ जाए। पीड़ित मोती चौहान का आरोप है कि उन्होंने कई बार 'प्रधान जी' के सामने हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाए, लेकिन सत्ता की मलाई चाट रहे प्रधान के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

अधिकारियों की चुप्पी: क्या कमीशन का खेल है?

सवाल यह उठता है कि निचलौल के बीडीओ (BDO) और संबंधित सेक्रेटरी क्या दफ्तर में बैठकर सिर्फ फाइलों पर 'सब चंगा है' लिख रहे हैं? क्या उन्हें नहीं दिख रहा कि एक परिवार संक्रामक बीमारियों के मुहाने पर खड़ा है? जब गांव का बजट आता है, तो वो नालियां कागजों पर तो बन जाती हैं, लेकिन जमीन पर कीचड़ का साम्राज्य क्यों है? क्या अधिकारियों को किसी बड़ी महामारी या किसी मासूम की मौत का इंतज़ार है?

ND Live की सीधी चेतावनी: अब 'रेलेंगे' भी और 'जवाब' भी लेंगे!

पीड़ित ने अब जिलाधिकारी (DM) महाराजगंज की चौखट पर दस्तक दी है। ND Live News के CEO सलाउद्दीन खान स्पष्ट शब्दों में कहते हैं— "साहब! अगर लोढ़िया के इस परिवार को कुछ भी हुआ, तो जिम्मेदार सिर्फ वो लापरवाह प्रधान नहीं, बल्कि वो अधिकारी भी होंगे जो बंद कमरों में एसी की हवा खा रहे हैं।" यह खबर उन तमाम सफेदपोशों के मुंह पर करारा तमाचा है जो विकास का झूठा ढिंढोरा पीटते हैं। अगर तत्काल नाली का मार्ग नहीं बदला गया और गंदगी साफ नहीं हुई, तो ND Live इस मुद्दे को तब तक चलाएगा जब तक लापरवाह कर्मचारियों पर गाज नहीं गिर जाती और भ्रष्ट प्रधान का बस्ता बंद नहीं हो जाता।

लोढ़िया के प्रधान जी, संभल जाइए! अधिकारियों की गोद में बैठकर जनता को कीचड़ में ढकेलने का दिन अब लद चुके हैं। अब जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई भी!

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