ND Live महराजगंज निचलौल पुलिस की 'वर्दी' पर लगा कलंक! गुंडे रामेश्वर ओझा के पैरों में गिर गई कानून की मर्यादा; क्या योगी के राज में अब दबंग लिखेंगे न्याय की इबारत? इन्वेस्टिगेटिव डेस्क (ND Live News Global) | दिनांक: 13 जनवरी, 2026 ND Live News Chief Executive Officer (CEO)

ND Live महराजगंज निचलौल पुलिस की 'वर्दी' पर लगा कलंक! गुंडे रामेश्वर ओझा के पैरों में गिर गई कानून की मर्यादा; क्या योगी के राज में अब दबंग लिखेंगे न्याय की इबारत? इन्वेस्टिगेटिव डेस्क (ND Live News Global) | दिनांक: 13 जनवरी, 2026 ND Live News Chief Executive Officer (CEO) महराजगंज (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की पुलिस जहाँ अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने का दम भरती है, वहीं जनपद महराजगंज के निचलौल थाने की कार्यशैली ने खाकी को सरेआम नीलाम कर दिया है। ग्राम सभा बरोहिया (छोटे टोल) में एक दरिंदे और मानसिक रूप से बीमार गुंडे रामेश्वर ओझा ने मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दी हैं, लेकिन अफसोस! निचलौल की पुलिस अपनी 'नामर्दानगी' और 'सुस्ती' का ऐसा नमूना पेश कर रही है जिसे देखकर पूरा समाज थू-थू कर रहा है। साक्ष्य चीख रहे हैं, लेकिन पुलिस 'बहरी' और 'अंधी' हो चुकी है आरोपी रामेश्वर ओझा ने न केवल महिला और उसकी मासूम बेटी को सरेआम सड़कों पर गंदी-गंदी गालियां दीं, बल्कि उनके घर को आग लगाकर राख करने की खौफनाक साजिश रची। घर जलने का वीडियो वायरल है, साक्ष्य मौजूद हैं, माँ-बेटी की आँखों के आँसू गवाह हैं, फिर भी निचलौल पुलिस की 'कलम' लकवा मार गई है। सवाल यह उठता है कि क्या निचलौल के पुलिसकर्मियों ने अपना जमीर उस गुंडे के पास गिरवी रख दिया है? या फिर उस दबंग की गालियां पुलिस को 'संगीत' की तरह मधुर लग रही हैं? एसपी सोमेंद्र मीणा की मेहनत पर 'पानी' फेर रहे वर्दीधारी गुर्गे महराजगंज के तेज-तर्रार कप्तान (SP) सोमेंद्र मीणा जहाँ अपराधियों को पाताल से निकालकर जेल भेज रहे हैं, वहीं निचलौल थाने के सफेदपोश 'दलाल' उनकी छवि को धूमिल करने में जुटे हैं। जब 12 जनवरी को पीड़ित महिला कप्तान साहब के पास पहुँची, तो निचलौल पुलिस ने अपनी खाल बचाने के लिए 'साजिशी रिपोर्ट' लगा दी कि कोई विवाद ही नहीं हुआ। धिक्कार है ऐसी पुलिसिया कार्रवाई पर, जो वीडियो साक्ष्य को झुठलाकर अपराधियों की 'गोद' में बैठी है। मुख्यमंत्री योगी जी, क्या आपके शेर अब 'ढपोरशंख' बन गए हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि जो महिलाओं की तरफ आँख उठाएगा, उसे पाताल भेज दिया जाएगा। लेकिन निचलौल में रामेश्वर ओझा जैसे आवारा गुंडे खुलेआम महिलाओं को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और पुलिस तमाशबीन बनी है। यह स्थिति पुलिस के गाल पर वह तमाचा है जिसकी गूँज अब लखनऊ तक सुनाई देगी। अंतिम चेतावनी: "न्याय दो, वरना उतार दो वर्दी" आज जब पीड़ित महिला और उसकी बेटी न्याय न मिलने के कारण नहर में कूदकर अपनी जान देने जा रही थीं, तब ND Live News ने उन्हें बचाया। प्रशासन कान खोलकर सुन ले, अगर इस गरीब महिला की जान गई, तो उसका खून उस गुंडे रामेश्वर ओझा से ज्यादा उन पुलिसवालों के हाथ पर होगा जिन्होंने शिकायत को कूड़ेदान में डाल दिया। निचलौल थाने के उन 'मूक-बधिर' दरोगाओं और सिपाहियों से जनता पूछ रही है— क्या आपकी वर्दी में इतनी भी ताकत नहीं बची कि एक खुलेआम घूम रहे अपराधी को सलाखों के पीछे डाल सकें?

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