GLOBAL FOOD CRISIS: सिंदुरिया में डूबा 'अन्नदाता' का भविष्य! सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न; ND Live की चेतावनी— "आज किसान रो रहा है, कल दुनिया भूखी मरेगी" वर्ल्ड एग्री-डेस्क (ND Live News Global) | दिनांक: 13 जनवरी, 2026 स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट: मैनुद्दीन सिद्दीकी ( सिंदुरिया) महराजगंज (उत्तर प्रदेश): क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आपके बैंक खाते में करोड़ों रुपए हों, लेकिन बाजार में खाने के लिए एक दाना अनाज न मिले? एक प्रसिद्ध वैश्विक फिल्म में दिखाया गया यह खौफनाक दृश्य आज भारत के उत्तर प्रदेश स्थित महराजगंज के सिंदुरिया में हकीकत बनता दिख रहा है। विकास खंड मिठौरा के ग्राम पंचायत सिंदुरिया में बलिया नाला की सफाई न होने के कारण सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। यह केवल एक फसल का नुकसान नहीं, बल्कि आने वाले समय में 'दाने-दाने की मोहताजी' का संकेत है। प्रशासन की लापरवाही, 'अन्नदाता' की बर्बादी महराजगंज का बलिया नाला आज किसानों के लिए अभिशाप बन चुका है। नाले की समय पर सफाई न होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया और उफनते पानी ने किसानों के खून-पसीने से सींची गई गेहूं की फसल को लील लिया। जब किसान खेती करना छोड़ देगा, तो दुनिया के पास पैसा तो होगा, लेकिन पेट भरने के लिए रोटी नहीं। अधिकारियों की फाइलों में नाला साफ हो चुका होगा, लेकिन धरातल पर किसानों की उम्मीदें डूब चुकी हैं। विजय यादव के नेतृत्व में किसानों का महा-आंदोलन: "भीख नहीं, हक चाहिए" सिंदुरिया के जागरूक समाजसेवी और भावी प्रधान प्रत्याशी विजय यादव के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने जलमग्न खेतों में उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। विजय यादव ने शासन-प्रशासन को ललकारते हुए कहा— "अगर सरकार ने जल्द ही इस क्षतिपूर्ति की भरपाई नहीं की, तो यह आंदोलन दिल्ली और लखनऊ तक गूंजेगा। किसान को अनाज उगाने के लिए खाद-बीज का पैसा चाहिए, अधिकारियों के खोखले आश्वासन नहीं।" आलाधिकारी मौन, क्या लाशें गिरने का इंतजार है? अत्यंत दुखद पहलू यह है कि ND Live News द्वारा बार-बार इस समस्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने के बावजूद, जिला प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। संबंधित विभाग और आलाधिकारी 'कुंभकर्णी नींद' में सोए हुए हैं। किसानों का आक्रोश चरम पर है। प्रदर्शन के दौरान रामकृपाल, संदीप चौधरी, दुर्गेश शर्मा, पन्ने लाल कुशवाहा, बृजेश, कृष्ण चंद, रामकिशुन, गोविंद गुप्ता, राम प्रसाद, इब्राहिम, शमसुद्दीन, शहाबुद्दीन, कुसुमावती, रामनारायण, सदरे आलम, गीत हरि यादव, उमेश शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने एक सुर में मुआवजे की मांग की है। ND Live का कड़ा संदेश प्रशासन यह न भूले कि अगर किसान ने हल चलाना बंद कर दिया, तो एसी कमरों में बैठने वाले अधिकारियों को भी भोजन नसीब नहीं होगा। रिपोर्टर मैनुद्दीन सिद्दीकी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यदि अगले 48 घंटों में सर्वे कर क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो सिंदुरिया का किसान उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। रिपोर्टर: मैनुद्दीन सिद्दीकी (सिंदुरिया, महराजगंज)
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