55 एकड़ ज़मीन के हक की लड़ाई: 48वें दिन धरने पर पहुंचे सपा नेता आनंद निषाद, मिला पूर्ण समर्थन* *अमित कुमार मण्डल ब्यूरो चीफ महराजगंज ऐसे खबरों या विज्ञापनों के लिए सम्पर्क करें फ़ोन नंबर 9795061235
*55 एकड़ ज़मीन के हक की लड़ाई: 48वें दिन धरने पर पहुंचे सपा नेता आनंद निषाद, मिला पूर्ण समर्थन*
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*सपा नेता आनंद निषाद के इस आंदोलन में समर्थन से अब विधानसभा पनियरा का यह ज़मीनी विवाद और गरमा गया है*
तहसील सदर के पनियरा ब्लॉक स्थित तेन्दुअहिया गाँव के 37 पीड़ित दलित परिवारों का न्याय के लिए चल रहा सत्याग्रह 48वें दिन में प्रवेश कर गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के झंडे तले धूप और गर्मी की परवाह किए बिना डटे इन किसानों को अब राजनीतिक रूप से भी बड़ा बल मिल गया है। वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता आनंद निषाद ने धरने के 48वें दिन आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की माँगों का खुला समर्थन किया और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए सपा के वरिष्ठ नेता आनंद निषाद ने कहा कि गरीब और दलित परिवारों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया कि शासन द्वारा आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवंटित की गई 55 एकड़ कृषि भूमि को रातों-रात कागज़ी हेरफेर करके छीन लिया गया। वरिष्ठ सपा नेता विधानसभा पनियरा आनंद निषाद ने घोषणा की कि वे इस पूरे मामले के दस्तावेज लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ गोरखपुर मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात करेंगे और पीड़ितों को उनका वाजिब हक दिलाकर ही दम लेंगे।2009 में कागज़ों पर छीनी गई खून-पसीने की ज़मीन मामला पनियरा ब्लॉक के तेन्दुअहिया गाँव का है, जहाँ प्रदेश सरकार ने 37 भूमिहीन दलित परिवारों को 55 एकड़ ज़मीन का वैध पट्टा दिया था। सालों तक मेहनत करके इन परिवारों ने बंजर ज़मीन को उपजाऊ बनाया। पीड़ितों का आरोप है कि वर्ष 2009 में बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के, फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उनके पट्टे रद्द कर दिए गए।भाकियू के जिलाध्यक्ष राम अशीष ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिलाधिकारी महराजगंज द्वारा गठित तीन सदस्यीय जाँच समिति की रिपोर्ट महीनों बीत जाने के बाद भी सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट को सार्वजनिक न करना यह दर्शाता है कि तंत्र अपनी गलतियों को छिपाने का प्रयास कर रहा है।धरने पर बैठे मुराली प्रसाद, रामवृक्ष, सालिक प्रसाद, महेंद्र, राजेंद्र, चुन्नीलाल, त्रिवेनी, सोना देवी, सिंधु देवी, रेशमा देवी, प्रभावती देवी और राजेंद्र पासवान सहित दर्जनों किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक जाँच रिपोर्ट उजागर कर पट्टे बहाल नहीं किए जाते, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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